बिहार राज्य के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्री परिषद की बैठक का आयोजन करवाया गया है जिसके अंतर्गत राज्य में स्वास्थ्य शिक्षा तथा व्यवसाय के विस्तार हेतु अहम निर्णय लिए गए हैं।
इन निर्णय में मुख्य तौर पर एम्स विस्तार तथा केंद्रीय विद्यालयों के नए निर्माण और आरआरटीएस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्य प्रणाली को तैयार करवाया गया है जो पटना से लेकर मुख्य चार शहरों को जोड़ने का काम करेगी।
बिहार मंत्री परिषद बैठक में ली गई यह अहम निर्णय आम जनता के लिए काफी सुविधाजनक होने वाले हैं जिससे उनके लिए स्वास्थ्य शिक्षा और परिवहन प्रणाली में भी काफी सहूलियत होगी।
एम्स विस्तार और तीन नए केंद्रीय विद्यालयो को मंजूरी
मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के द्वारा एम्स विस्तार के लिए मंजूरी देते हुए दानापुर के मोजा भूशौला में 26 एकड़ तक भूमि के अधिग्रहण की प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है जिसके बाद अब जल्द ही यहां पर एम्स विस्तार का कार्य भी शुरू हो जाएगा।
बिहार राज्य सरकार की तरफ से एम्स विस्तार की परियोजना को व्यापक रूप देने के लिए 348 करोड रुपए तक का खर्च किया जाने वाला है जिसके तहत मरीजो के लिए नई व्यवस्थाएं पूर्ण रूप से उपलब्ध करवाई जाएगी और साथ में ही स्वास्थ्य संबंधी अन्य संशोधन भी करवाए जाएंगे जून के लिए चिकित्सा क्षेत्र में वरदान साबित होंगे।
तीन जिलों में खुलेंगे नए केंद्रीय विद्यालय
बिहार मंत्री परिषद बैठक में एम्स विस्तार के साथ केंद्रीय विद्यालय बनवाए जाने का निर्णय भी काफी अहम है। बताया जा रहा है कि बिहार राज्य के तीन मुख्य जिले जैसे मधुबनी, मुंगेर और मुजफ्फरपुर में केंद्रीय विद्यालय खोलने हेतु पांच-पांच एकड़ भूमि की स्वीकृति की मंजूरी दी गई है।
यह भूमि केंद्रीय विद्यालय संगठन के लिए ₹1 टोकन के लीज मूल्य पर 30 वर्षों के लिए दी जाएगी। अगर विद्यालय निर्माण के लिए आवश्यकता पड़ती है तो लीज का नवीनीकरण भी किया जा सकेगा। केंद्रीय विद्यालय के इस महत्वपूर्ण निर्णय से राज्य में शैक्षिक की स्थिति में काफी बेहतर प्रभाव देखने को मिलेगा।
मंत्री परिषद बैठक में अन्य प्रमुख फैसले
बिहार मंत्री परिषद बैठक में सम्राट चौधरी की अध्यक्षता के चलते अन्य प्रमुख फैसला भी लिए गए हैं जिसकी संक्षिप्त जानकारी नीचे उपलब्ध है।-
- एम्स विस्तार
- केंद्रीय विद्यालय के लिए मंजूरी
- सरकारी भवनों पर सोलर रूफटॉप स्थापना
- मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना
- आरआरटीएस परियोजना
- दलहन आत्मनिर्भरता मिशन
- डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन
- डेयरी विकास इत्यादि।
अगर आप मंत्री परिषद की बैठक में लिए गए इन प्रमुख फैसलों से जुड़ी जानकारी को विस्तृत रूप से जानना चाहते हैं तो इसके लिए आपको संबंधित न्यूज़ या फिर ऑनलाइन वेबसाइट से जुड़ना चाहिए जहां पर आप इन निर्णय की डिटेल और इनका उद्देश्य पूर्ण रूप से जान पाएंगे।
मत्स्य क्षेत्र के लिए बनेगी नई कंपनी
प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मत्स्य व्यवसाय के लिए भी मंत्री परिषद में काफी अच्छे निर्णय लिए गए हैं जिसके अंतर्गत अब मत्स्य क्षेत्र एवं जली कृषि को बढ़ावा देने के लिए मत्स्य क्षेत्र के लिए नई सरकारी कंपनी बनाने हेतु मंजूरी दे दी गई है।
अधिनियम 2013 के तहत बनने वाली यह संस्था मत्स्य अवसंरचना के विकास रोजगार सृजन तथा मत्स्य बालकों की आय को बढ़ाने में सहायता देगी।
FAQs
आरआरटीएस कॉरिडोर किन शहरों में बनने के लिए मंजूरी दी गई है?
आरआरटीएस कॉरिडोर मुख्ता पटना के मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, गया और आरा शहर में बनने की मंजूरी दी गई है।
बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज में तकनीकी शिक्षा के लिए कितने पद सृजित हुए हैं?
मंत्री परिषद के नए-नए के अनुसार बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज में तकनीकी शिक्षा को बढ़ाने के लिए 76 नए पदों को सृजित किया गया है।
सरकारी भवनों पर सोलर पैनल लगाने के लिए कितने वर्षों का लक्ष्य है?
बिहार मंत्री परिषद के नए नए के अनुसार सरकारी भवनों पर सोलर पैनल लगाने के लिए 2025 26 से लेकर 2029- 30 तक का लक्ष्य रखा गया है।